नई दिल्ली: सड़क किनारे दौड़ते या साइकिल चलाते समय ट्रैफिक में वाहनों का काला धुआं फेफड़ों में भर जाना किसी भी फिटनेस प्रेमी के लिए आम अनुभव बन चुका है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है: क्या प्रदूषित हवा में दौड़ना या कसरत करना सेहत बनाने की बजाय उसे बिगाड़ रहा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया की 99% आबादी प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर है, जिससे हर साल लगभग 67 लाख लोगों की असमय मौत होती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य तौर पर निष्क्रिय (inactive) रहने की तुलना में एक्सरसाइज के फायदे अधिक हैं, लेकिन कुछ जरूरी सावधानियों के साथ जहरीले कणों के असर को 50% तक कम किया जा सकता है।
कसरत के दौरान हवा में मौजूद कौन से खतरे शरीर में जाते हैं?
तेज दौड़ने या भारी वर्कआउट के समय व्यक्ति सामान्य से ज्यादा तेजी और गहराई से सांस लेता है। इससे सामान्य चलने की तुलना में कई गुना अधिक जहरीले कण फेफड़ों तक पहुंचते हैं:
-
PM 2.5 (सूक्ष्म कण): इंसान के बाल से 30 गुना छोटे ये कण सीधे फेफड़ों की गहराई में जाकर खून के प्रवाह (bloodstream) में मिल जाते हैं। हालिया अध्ययनों के मुताबिक, ये ‘ब्लड-ब्रेन बैरियर’ को पार कर मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे पार्किंसंस (Parkinson’s) जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
-
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($NO_2$) व कार्बन मोनोऑक्साइड ($CO$): वाहनों के धुएं से निकलने वाली ये गैसें फेफड़ों में सूजन पैदा करती हैं और लंबे समय में फेफड़ों की कार्यक्षमता को स्थायी रूप से घटा देती हैं।
-
सल्फर डाइऑक्साइड और ग्राउंड-लेवल ओजोन: गर्म और धूप वाले दिनों में जमीनी ओजोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे सांस लेने में भारीपन और सीने में जलन महसूस हो सकती है।
-
मेट्रो व अंडरग्राउंड डस्ट: लंदन या न्यूयॉर्क जैसे शहरों में अंडरग्राउंड ट्रेन नेटवर्क में भी पटरियों और ब्रेक के घर्षण से धातु-युक्त महीन धूल हवा में फैली रहती है।
क्या कार में बैठना साइकिल चलाने से ज्यादा सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह धारणा गलत है कि कार में बैठने वाले पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। इंपीरियल कॉलेज लंदन एनएचएस ट्रस्ट के रेस्पिरेटरी फिजिशियन डॉ. रूडी सिन्हाारे के अनुसार, कार के केबिन में अक्सर स्थिर प्रदूषित हवा फंस जाती है। इसके विपरीत, साइकिल चलाते समय हवा का निरंतर प्रवाह रहता है, जिससे कार में बैठे व्यक्ति की तुलना में साइकिल चालक का सीधा एक्सपोजर कभी-कभी कम आंका गया है।

प्रदूषण के बीच खुद को कैसे सुरक्षित रखें? 5 असरदार तरीके
-
मुख्य सड़कों से 1-2 गली दूर हटें: अध्ययनों के अनुसार, मुख्य सड़क छोड़कर समानांतर साइड-स्ट्रीट या पार्कों में दौड़ने से प्रदूषण का जोखिम 20% से 50% तक घट जाता है।
-
पीक आवर्स और रेड लाइट से दूरी बनाएं: ट्रैफिक जाम और रेड लाइट के पास खड़े वाहन गति पकड़ते समय सबसे अधिक धुआं छोड़ते हैं। सुबह के व्यस्त समय (Rush Hour) में दौड़ने से बचें।
-
AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) देखकर रूट तय करें: जब एक्यूआई ‘खतरनाक’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में हो, तो आउटडोर कार्डियो करने के बजाय घर के अंदर योग, वेट ट्रेनिंग या इनडोर वर्कआउट को प्राथमिकता दें।
-
दोपहर में आउटडोर वर्कआउट न करें: गर्मियों और खिली धूप में दोपहर के समय ग्राउंड-लेवल ओजोन का स्तर चरम पर होता है, इसलिए सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद का समय बेहतर है।
-
अस्थमा और दिल के मरीज बरतें अतिरिक्त सावधानी: यदि सांस फूलने, लगातार खांसी या सीने में जकड़न की समस्या हो, तो तुरंत रुकें और डॉक्टर से परामर्श लें।



